इंटरनैशनल अर्बन को-आपरेशन प्रोग्राम

आईयूसी क्या है?

ऐसे क्षेत्रों जहां अधिकांश लोग रहते और काम करते हैं, उन शहरों को ऐसे क्षेत्र के रूप में देखा जाता है जहां प्रमुख सामाजिक और पर्यावरणीय चुनौतियों का समाधान लागू किया जाना चाहिए।

शहर, दुनिया के प्रमुख आर्थिक और सांस्कृयतिक गतिविधियों के केंद्र होते हैं, और इन्हींत वजहों से काफी तीव्र गति से शहरीकरण हो रहा है। इस तीव्र जनसांख्यिकीय बदलाव ने कई शहरों पर दबाव काफी बढ़ा दिया है, साथ ही स्थानीय सरकार को अक्सर ऊर्जा, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा और परिवहन सेवाओं की उच्च मांग को पूरा करने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

तीन-वर्षीय इंटनैशनल अर्बन को-ऑपरेशन (आईयूसी) प्रोग्राम का उद्देश्य  दुनिया के विभिन्ना इलाकों के शहरों को समान समस्यारओं का समाधान साझा करना और उन्हेंी आपस में जोड़ने में सक्षम बनाना है। यह यूरोपीय संघ द्वारा सार्वजनिक और निजी, दोनों क्षेत्रों के साथ-साथ सामुदायिक समूहों और नागरिकों के सहयोग से स्थायी शहरी विकास को बढ़ावा देने के लिए दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। आईयूसी में शामिल होने के माध्यम से शहरों को अपने अंतरराष्ट्रीय समकक्षों के साथ ज्ञान साझा करने और आदान-प्रदान का अवसर मिलेगा, जिससे हरियाली तथा अधिक समृद्ध भविष्य का निर्माण करने होगा।

आईयूसी प्रोग्राम शहरों को एक दूसरे से सीखने, महत्वानकांक्षी लक्ष्यों  को तय करने, स्थायी भागीदार बनाने, नए समाधानों का परीक्षण करने और अपने अंतरराष्ट्रीय प्रोफ़ाइल को बढ़ावा देने का एक अच्छाध अवसर है।

यूरोपीय संघ द्वारा वित्त पोषित, इंटरनैशनल अर्बन को-ऑपरेशन (आईयूसी) प्रोग्राम से जुड़ी गतिविधियां शहरी विकास तथा जलवायु परिवर्तन पर स्था नीय और प्रमुख अंतरराष्ट्रीय समझौतों, जैसे कि अर्बन एजेंडा, टिकाऊ विकास लक्ष्यों  एवं पेरिस समझौते से संबंधित नीतिगत उद्देश्योंो की प्राप्ति में सहयोग करेगा। आईयूसी प्रोग्राम शहरी नीति-निर्माताओं को संभावित वित्तशपोषक के साथ जोड़ने के लिए प्रमुख अंतरराष्ट्री य वित्तीय संस्थानों और भागीदारों को एकजुट करेगा।

स्थादनीय और क्षेत्रीय विकास के लिए टिकाऊ शहरी विकास और नवाचार में सहयोग के घटक के तहत् यूरोपीय संघ के व्यालपार महत्वहपूर्ण भागीदार होगा। लक्षित देशों में चीन, भारत, जापान, कनाडा, मेक्सिको, यूएसए, अर्जेंटीना, ब्राजील, चिली, कोलंबिया और पेरू शामिल हैं। कन्वीरनेंट ऑफ मेयर्स पहल के लिए दक्षिण कोरिया, वियतनाम, इंडोनेशिया, मलेशिया, सिंगापुर और लैटिन अमेरिका तथा कैरेबियाई (एलएसी) क्षेत्र के सभी देशों को इस प्रोग्राम में शामिल किया गया है।

आईयूसी प्रोग्राम को बनाने वाले प्रत्येाक घटक के बारें में अधिक जानकारी नीचे दी गई है:

 

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टिकाऊ शहरी विकास पर सिटी-टू-सिटी सहयोग

वर्ल्डत सिटीज़ परियोजना की सफलता और यूआरबीएसीटी नेटवर्क के दृष्टिकोण पर विकसित, यूरोपीय संघ के शहरों को टिकाऊ विकास की चुनौतियों का सामना करने वाले अन्य क्षेत्रों के शहरों के साथ जोड़ा जाएगा। स्थानीय कार्ययोजनाओं के विकास के माध्यम से चयनित शहरों को डिजाइन, कार्यान्वयन और टिकाऊ शहरी कार्यप्रणालियों के प्रबंधन में सहयोग किया जाएगा, जो परिणामों को प्राप्तग करने और बाजार के अवसरों को खोलने के लिए गतिविधियों और पायलट परियोजनाओं को रेखांकित करेगा। विशिष्ट शहरी विकास की बाधाओं को दूर करने के लिए संसाधनों और सर्वोत्तम प्रथाओं के साथ एक ज्ञान-साझा करने का मंच स्थापित किया जाएगा।

 

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ग्लोयबल कन्वीानेन्टा ऑफ मेयर्स पहल के अंतर्गत उप-राष्ट्री य कार्रवाई

शहरों और अन्यक उप-राष्ट्री य इकाइयों को क्षेत्रीय मेयर्स अनुबंध में शामिल होने के लिए प्रोत्सा हित किया जाएगा, जो जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए वैश्विक पहल का हिस्साष है। ग्लोसबल कन्वीानेंट ऑपक मेयर्स (www.globalcovenantofmayors.org) अपने क्षेत्र में महत्वाकांक्षी जलवायु और ऊर्जा उद्देश्यों को लागू करने के लिए स्वैअच्छिक तौर पर प्रतिबद्ध हजारों स्थानीय सरकारों को एकजुट करती है। यह जलवायु की चुनौती को हल करने के लिए शहरों की एक प्रभावशाली प्रतिक्रिया है। 7,000 से ज्याचदा शहरों की प्रतिबद्धता पर आधारित यह स्था नीय जलवायु नेतृत्वर के लिए प्रतिबद्ध दुनिया का सबसे व्या पक वैश्विक गठजोड़ है।

 

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स्थानीय और क्षेत्रीय विकास के लिए इनोवेशन पर अंतर-क्षेत्रीय सहयोग

क्षेत्रीय इनोवेशन एवं दो क्षेत्रों में और उनके बीच सहयोग में सुधार के तरीकों पर ध्यान देने के लिए सपोर्ट किया जाएगा, ये क्षेत्र हैं - यूरोपीय संघ और लैटिन अमेरिका तथा कैरेबियन। यह कार्यक्रम इनोवेटिव एसएमई से जुड़े क्षेत्रीय रणनीतियों के विकास और सुदृढ़ीकरण को प्रोत्साहित करेगा और अंतरराष्ट्रीय वैल्यू चेन को बढ़ावा देगा। अच्छी कार्यप्रणालियों के अनुभव और सीखे गए सबक को एकत्रित और साझा किया जाएगा तथा ज्ञान प्रबंधन एवं विकास को बढ़ावा दिया जाएगा।

 

 

 

 

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Across the world, the rate of urbanisation is increasing at a rapid pace. As the areas in which the majority of people live and work, cities are increasingly acknowledged as the arena in which solutions to major societal and environmental challenges must be implemented.

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